पिता की तेरहवीं कर बेटे ने कुएं में लगाई छलांग, दो साल से करा रहा था इलाज
झांसी। पिता की तेरहवीं के अगले दिन बेटे उदयभान ने 80 फीट गहरे कुएं में छलांग लगाकर जान दे दी। उसने बीमार पिता के इलाज के लिए छह लाख रुपये का कर्ज ले रखा था। परिजनों ने बताया कि पिता की मौत के बाद उदयभान सदमे में था। समथर थाने के गांव खूजा के रहने वाले राम प्रसाद अहिरवार ने बताया कि उसका भाई उदयभान खेती-किसानी के अलावा मजदूरी करता था। पिता वृंदावन पिछले दो साल से बीमार थे। उनके इलाज में भाई पर करीब छह लाख रुपये का कर्ज हो गया। इधर, 16 जनवरी को पिता की मौत से उदयभान सदमे में आ गया। 28 जनवरी को भाई ने पिता की तेरहवीं की और अगले दिन सुबह छह बजे उठकर वह खेतों की तरफ चले गए। वहां 80 फीट गहरे कुएं में उन्होंने छलांग लगा दी।
महिलाओं ने जब कुएं में किसी के गिरने की आवाज सुनी तो इसकी जानकारी घर पर दी। वे सभी कुएं के पास पहुंचे और खोजबीन की। कुएं में करीब 50 फीट पानी होने के कारण वाटर पंप लगाकर कुआं खाली कराया। देर शाम कुआं का पानी कम होने पर उदयभान का शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। उदयभान के एक बेटा पंकज (25) व दो बेटी कौशल्या (22) और सुंदरी (20) हैं। पंकज और कौशल्या की शादी हो चुकी है। जबकि बेटी के लिए रिश्ता ढूंढ़ रहे थे। समथर थाना प्रभारी अतुल कुमार राजपूत ने बताया कि कुएं में उदयभान अहिरवार का शव मिला है। आत्महत्या के कारणों की छानबीन की जा रही है।
